लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 20 January 2014

जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए


जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशगंवार हो जाए
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
जिन्दगी से गम के पहाड़ मिट जायें
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
जिन्दगी दूसरों की
खुशियों की
कर्जदार हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
चुन सकें दूसरों की
राह के कांटे
कि उनकी जिन्दगी
खुशियों का समंदर हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
प्रयास हो ऐसे कि
हम दूसरों के लिए
आदर्श हो जायें
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
कि खिला सकें
नन्हे – नन्हे बचपन
कि खिला सकें उनके
होठों पर मुस्कान
जो चलते हैं
अंगुलियाँ पकड़ – पकड़
बिछा दें उनकी राहों में फूल
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
हमारा देश
हमारा वतन
जिसके हैं
हम कर्जदार
इस मादरे वतन पर
हमारा तन और मन
न्योछावर हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
कि जिन्दगी गुरु चरणों की
मोहताज न हो
पड़ें जहां भी
मेरे पाँव
उस जमीन पर
जन्नत सी बहार आ जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
कि हों हमारे प्रयास
कि हमारा मादरे वतन
दुनिया का ताज हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
आओ कोई जतन  करैं
जिन्दगी खुशनुमा बयार हो जाए
                 




No comments:

Post a Comment