लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 23 January 2014

तमाशबीन बन जो जियेगा


                                               तमाशबीन बन जो जियेगा
तमाशबीन बन जो जियेगा
तहजीब के होगा खिलाफ
तौहीन संस्कारों की जो करेगा
धर्म के होगा खिलाफ
प्रहार जो मानवता पर करेगा
सभ्यता के होगा खिलाफ
जीवन को जो तपोभूमि न समझेगा
समाज के होगा खिलाफ
भृष्ट आचरण के साथ जो जियेगा
देश के होगा खिलाफ
तबाह जो स्वयं को करेगा
वह होगा जीवन के खिलाफ
तौहीन जो शिक्षा की करेगा
वह होगा ज्ञान के खिलाफ
तंगहाल जो जियेगा
वह पायेगा संघर्षपूर्ण जीवन
चूम लेगा एक दिन गगन को
बन कर धरा का नूर
संस्कारों की बात जो करेगा
सुसंस्कृत होगा समाज
मानव दुःख को जो हरेगा
नहीं होगा मानवता पर त्रास
देश समर्पित जो होगा
अमर शहीद कहला जियेगा
जो ज्ञान की करेगा परवाह
शारदे अनुकम्पा होगा पात्र
जीवन को जो जियेगा
होगा परमात्मा को प्राप्त
तमाशबीन बन जो जियेगा
तहजीब के होगा खिलाफ

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