लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 27 September 2015

बार में लगने लगे हैं मेले - क्षणिकायें

बार में लगने लगे हैं मेले
'डिस्को थिरकने लगे हैं
हर शहर , हर जगह
जाने कहाँ जाकर रुकेगा, यह सफ़र



बारिश की बूंदों से मिलती है राहत
तन को, मन को
उसी तरह
जिसे तरह जल की खोज में
पंक्षी विचरते हैं दो बूंदों के आचमन के लिए



मालूम नहीं इस धरा पर
क्या अच्छा किया मैंने
इसी  कोशिश में कर्मपूर्ण जीवन
जिया जा रहा हूँ मैं

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