लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 13 September 2015

मेरे पिया

मेरे पिया

करूँ मैं आरजू तुझसे , हो रोशन शख्सियत मेरी
हो रोशन आशियाँ मेरा, बुलंद हो किस्मत मेरी

अकबर है तू मेरे मौला , हो रोशन खुदाई तेरी
मुझे तू अपनी पनाह में ले ले , अमानत हो सकूं तेरी

मेरे पिया तू मुझे गर्दिश से बचाकर रखना
तेरा करम हो जाए मुझ पर, हो रोशन शख्सियत मेरी

नसीब हो जाए जो मुझको, तेरे आँचल का साया.
जहां से भी मैं गुजरूँ , आफताब सी रोशन हो शख्सियत मेरी

तू आदिल है तुझे सब, मानते अपना
ले अपनी राह में मुझको, गुलाब सी हो खुशनुमा शख्सियत मेरी

तेरी राहे इबादत का करम जो नसीब हो जाए मुझको
तेरी एक इनायत से हो रोशन शख्सियत मेरी

अपनी औलाद की मानिंद, मुझको , समझ मेरे मौला
तेरे इक इशारे से, हो रोशन ख्वाहिशें मेरी

करूँ मैं आरजू तुझसे , हो रोशन शख्सियत मेरी
हो रोशन आशियाँ मेरा, बुलंद हो किस्मत मेरी






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