लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 6 January 2015

प्रेम की बातें करो , प्रेम का इज़हार करो


प्रेम की बातें करो , प्रेम का इज़हार करो

 

प्रेम की बातें करो , प्रेम का इज़हार करो 
ये दुनिया प्रेम का समंदर हो जाए , कुछ ऐसा यार करो
 
प्रेम स्वच्छंद भावना है इसे महसूस करो
प्रेम गर खुदा का नाम है , तो खुदा से प्यार करो

 

प्रेम गर आराधना का विषय हो जाए
प्रेम गर उपासना का आधार हो जाए
 
प्रेम गर इबादत का सबब हो जाए
समझो प्रेम खुदा के करीब ले जा रहा है हमें

 

प्रेम गर इंसान बना सकता है
प्रेम गर इंसान को वन्दनीय बना सकता है
 
इंसान गरको इंसान समझे
प्रेम इंसान को भगवान् बना सकता है

 

प्रेम परमात्मा की अनुपम कृति है
प्रेम इंसान और ईश्वर के बीच की कड़ी है
 
प्रेम उस परमेश्वर का एहसास है
प्रेम उस खुदा की बंदगी है


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