लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 6 January 2015

शिक्षा के मंदिर को


 
शिक्षा के मंदिर को
 

शिक्षा के मंदिर को

देवालय सा पावन कर दो
 
हो जहां शिक्षक देवदूत बन
 
विद्यार्थी हों भक्तगण
 

शिक्षा के मंदिर को

देवालय सा पावन कर दो
 
हर एक चरित्र शीश नवाए
 
ऐसा इसका आँगन कर दो
 

शिक्षा के उपवन महकें
 
आदर्शों का व्यवहार लिए
 
जीवन में नैतिकता महके
 
मूल्यों की रसधार बहे
 

शिक्षा हो जीवन की शिक्षा
 
संस्कारों की खुशबू महके
 
संस्कृति विस्तार लिए
 
हर एक मानव मन महके
 

शिक्षा हो जाए इबादत
 
मोक्ष का आधार लिए
 
शिक्षा के रखवालों से

करबद्ध यही प्रार्थना मेरी
 

मा शारदे के पावन मंदिर को
 
जीवन मुक्ति मार्ग बना दो
 
हर एक कोमल मन मुस्काये
 
ऐसा इसको चमन बना दो
 

शिक्षा के मंदिर को

देवालय सा पावन कर दो
 
शिक्षा के उपवन महकें
 
ऐसे इसका आँचल कर दो

No comments:

Post a Comment