लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 5 January 2015

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ


 
चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ
 

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ
 
बहारों की तुम रागिनी है सुनाओ
 

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ 

पतझड़ का ख्याल दिल में आये

 
ऐसी वसंत की फुहार तुम सुनाओ
 

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ

बादलों की सी मस्त चाल में तुम गाओ

 
बारिश की बूंदों की मधुर तान तुम सुनाओ

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ
 

भीगें सब तन और मन ऐसी तान तुम सुनाओ
 
ह्रदय में प्रे पीर जागे ऐसे गीत तुम गुनगुनाओ
 

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ

नदियों की मधुरमधुर सी चाल का संगीत

 
ऐसी ही रागिनी , जीवन में तुम जगाओ

चंचल हवाओं कोई मधुर गीत गाओ


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