लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 13 September 2016

करता हूँ सजदा पेश ऐ मेरे खुदा


 करता हूँ सजदा पेश ऐ मेरे खुदा

करता हूँ सजदा पेश ऐ मेरे खुदा
क़ुबूल करना इलत्ज़ा मेरी ऐ मेरे खुदा
सजा दे मेरे ख़्वाब ऐ मेरे खुदा
मुसीबतों से रखना बचाकर ऐ मेरे खुदा

तुझ पर करूँ कुर्बान खुद को ऐ मेरे खुदा
तेरी करूँ इबादत मैं ऐ मेरे खुदा
मुझ पर हो करम तेरा ऐ मेरे खुदा
अरमान मेरे पूरे करना ऐ मेरे खुदा

मुझको अपनी अमानत करना ऐ मेरे खुदा
आगोश में तेरी गुजरे मेरी जिन्दगी ऐ मेरे खुदा
मुझको अपना शागिर्द बना ले ऐ मेरे खुदा
तेरे करम, तेरी इनायत से वाकिफ हूँ ऐ मेरे खुदा


एतबार है तुझ पर , मुझको ऐ मेरे खुदा
रोशन हो मेरी दुनिया , एक तुझसे ऐ मेरे खुदा
तेरे दर पर आ गया हूँ मैं मेरे खुदा
आजमाइशों के दौर से बचाना मुझको ऐ मेरे खुदा

मुझको अपना बना ले ऐ मेरे खुदा
ग़ज़ल हो जाए जिन्दगी मेरी ऐ मेरे खुदा
इंसानियत की राह पर ले चल ऐ मेरे खुदा
मेरी जिन्दगी को अपनी अमानत कर ऐ मेरे खुदा

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