लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) से हैं और अभी डेराबस्सी (पंजाब) में रह रहे हैं |
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Tuesday, 6 May 2025

मुझको हो हर पल तेरा एहसास

 मुझको हो हर पल तेरा एहसास

तू यहीं – कहीं है मेरे आसपास

हर पल जुबां पर हो तेरा नाम
तू ही सँवारे सबके काम

तेरे आदेश से ही रोशन जिन्दगी
तेरी मर्जी से होती रोशन कायनात

तू चाहे तो पल में राजा को रंक कर दे
तू चाहे तो पल में जिन्दगी बदल दे

एक तेरे चरणों का जो मिल जाए सहारा
दीदार हो जाए मोक्ष राह का द्वारा

तेरी चंचल चितवन पर रीझे हैं सभी
तेरे चरणों की लालसा में जी रहे हैं सभी

हमें भी अपने चरणों का दास कर ले
थोड़ी सी भक्ति का हमें भी वर दे

जियें तो बस एक तेरे नाम का सहारा लेकर
तू चाहे तो मुझे भी पार करा दे मालिक

मुझको हो हर पल तेरा एहसास
तू यहीं – कहीं है मेरे आसपास

हर पल जुबां पर हो तेरा नाम
तू ही सँवारे सबके काम


अनिल कुमार गुप्ता "अंजुम"