लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) से हैं और अभी डेराबस्सी (पंजाब) में रह रहे हैं |
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Sunday, 29 August 2021

योग

 

योग

 

योग जीवन की प्राण वायु

योग की हर छटा निराली

योग से हो तन प्रफुल्लित

योग से हो मन प्रफुल्लित

 

योग से हो रोम – रोम पुलकित

योग से हो जीवन अलंकृत

योग करे जहां पर वास

रोग नहीं फटके कोई पास

 

योग से जीवन हो पुलकित

योग कर देता प्रफुल्लित

असीम शांति योग की देन

आध्यात्मिक सुख योग की देन

 

योग ईश्वर से साक्षात्कार कराये

योग जीवन की नैया पार लगाए

योग भौतिक सुख से परे ले जाये

आध्यात्मिकता की ज्योति जगाये

 

योग से योगी बनें हम

परमात्व तत्व की धरोहर बनें हम

योग की पावनता है भाये

जीवन में खुशियाली लाये

 

योग को अपनाना होगा

समाज को स्वस्थ बनाना होगा

घर  - घर अलख जगाना होगा

योग की ज्योति  जलाना होगा

 

योग जीवन की प्राण वायु

योग की हर छटा निराली

योग से हो तन प्रफुल्लित

योग से हो मन प्रफुल्लित