लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) से हैं और अभी डेराबस्सी (पंजाब) में रह रहे हैं |
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Tuesday, 20 December 2016

पेड़ लगायें

पेड़ लगाएं


गली - गली और नगर - नगर
चलो पेड़ लगाएं सब मिलकर

आओ सब मिलकर पेड़ लगाएं
धरती का आँचल सजाएं

रोशन हो हर कोना - कोना
धरती हो जाए एक बिछौना

धरती हो जाए एक उपवन
आओ पेड़ लगाएं सब मिलकर

पेड़ों की है महिमा न्यारी
देते छावं ओर हरियाली 

श्रृंगार करें इस धरती माँ का
करते पुष्पित ये सबका जीवन

पड़ों से फल--. फूल हैं मिलते
'खिलते हैं ऑगन , नगर हैं खिलते

चन्दन की खुशबू से महकते
जीवन सबका रोशन करते

गली - गली और नगर - नगर
चलो पेड़ लगाएं सब मिलकर

आओ सब मिलकर पेड़ लगाएं
धरती का आँचल सजाएं