लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 21 September 2016

अपने प्रयासों को उम्मीद का दामन अता कर देखो

जद प्रयासों को उम्मीद का दामन अता कर देखो

अपने प्रयासों को उम्मीद का दामन अता कर देखो
तेरे प्रयासों को एक नया मुकाम हासिल होगा

अपने सुसंकल्प को अपने प्रयासों का हमसफ़र बनाकर देखो
तेरे प्रयासों को नसीब होगी एक खूबसूरत मंजिल

अपनी उम्मीद का दीया अपने दिल में जलाकर रखना
तेरे प्रयासों को नसीब होगा जन्नत सा हमसफ़र

अपने प्रयासों से ज्यादा हो सके तो खुद पर एतबार करो
तेरी जिन्दगी फूलों की खुशबुओं सी होगी रोशन

अपने प्रयासों को अपने आत्मविश्वास की खुशबू से महकाकर देखो
'एक नई सुबह के साथ होगा तेरी जिन्दगी का आगाज़

तुम दो कदम चलो दस कदम तेरे साथ होगा तेरा खुदा
तेरे प्रयासों को मिलेगी मंजिल, रोशन होगा परचम तेरा






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