लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 2 December 2014

अन्याय के आगे मत झुकना


अन्याय के आगे मत झुकना 
 
अन्याय के आगे मत झुकना
बेइंसाफी मत सहना 
 
कठोर ह्रदय तुम मत बनना
अन्याय को तुम मत सहना 
 
आदर्श व्यक्तित्व को पहचानो
यूं ही तुम न भटकना 
 
लालसाओं में तुम न फंसना
संयम को तुम अपनाना 
 
कर्म परायण हो धरती पर
कर्म राह दिखला जाना 
 
कामुकता में तुम न फंसना
सादा जीवन तुम पाना 
 
केवट सा भाव हो मन में
सबको पार लगा जाना 
 
राम सा जीवन हो तेरा
आदर्श मार्ग दिखला जाना 
 
कान्हा से तुम प्रेमी होना
त्याग राह दिखला जाना 
 
शिष्टाचार से नाता रखना
आदर्श बन तुम खिल जाना 
 
कठोर वचन तुम न कहना
कोमल मन तुम हो जाना 
 
सूर्य सा तेज हो तुम्हारा
अम्बर पर तुम छा जाना 
 
शुभचिंतक हों सभी तुम्हारे
सह्रदय व्यवहार सिखा जाना 
 
अभिनन्दन हों तेरा हरदम
ऐसी राह बतला जाना 
 
अर्जुन सा तेरा जीवन हो
गुरु भक्ति सिखला जाना 
 
अन्याय के आगे मत झुकना
बेइंसाफी मत सहना 
 
कठोर ह्रदय तुम मत बनना
अन्याय को तुम मत सहना


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