लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 28 August 2024

दुर्लभ हुईं सात्विक विचारों की श्रृंखला

 दुर्लभ हुईं सात्विक विचारों की श्रृंखला

सामान्य हुईं सात्विक विचारों भयावहता

नज़र अब नहीं आतीं संवेदना और भावुकता
लज्जित कर रही काम पूर्ण मानसिकता

अस्तित्व को टटोलते संस्कृति व संस्कार
दिखाई नहीं देती अब विचारों की मौलिकता

हो रहे सभी चरित्र हास्यास्पद
टटोलते एक दूसरे के भीतर की सहृदयता

क्यों झेल रहे हैं हम आदर्शों की नाटकीयता
कब तक रोएगी अपने अस्तित्व पर आस्तिकता

दिन – दूनी , रात – चौगुनी विकसित होतीं विचारों की कुटिलता
सामाजिकता में ढूँढता हर एक चरित्र अवसरवादिता

कैसी है ये रिश्तों को ढोने की अनिवार्यता
स्वाधीन होकर भी ढो रहे आधुनिक विचारों की पराधीनता

कैसा ये बहाव , कैसी ये दुर्बलता
कैसा ये गंवारूपन , कैसी ये राष्ट्रीयता

हम न रहे मर्यादित , न मन में पल रही भावुकता
न विचारों की अनुकूलता , न सादगी में एकरूपता

दुर्लभ हुई सात्विक विचारों की श्रृंखला
सामान्य हुईं सात्विक विचारों भयावहता ||

अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”

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