विचार
जब आपके भीतर सद्विचारों का कारवाँ रोशन होने लगता है तब आपके इन उत्तम सद्विचारों से जगत लाभान्वित होता है | यही आपके जीवन के सबसे उत्तम क्षण होते हैं जो आपको एक पूर्ण मानव के रूप में समाज में स्थापित करते हैं |
अनिल कुमार गुप्ता “अंजुम”
मेरी रचनाएं मेरी माताजी श्रीमती कांता देवी एवं पिताजी श्री किशन चंद गुप्ता जी को समर्पित
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