लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 27 August 2024

मुक्तक - क्यूँ कर ये जीवन, यूँ ही व्यर्थ हो जाये

 मुक्तक

क्यूँ कर ये जीवन, यूँ ही व्यर्थ हो जाये
क्यूँ कर जीवन, सितारों विहीन हो जाये
क्यूँ कर चांद घर के आंगन का, पता भूल जाये
क्यूँ ना हम खुद, किसी के घर के आँगन का चांद हो जाएँ l

अनिल कुमार गुप्ता *अंजुम *

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