लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 22 December 2015

फूलों की खुशबू से जहां को - मुक्तक

१.


फूलों की खुशबू से जहां को
जो महकाना सीख लोगे तुम

तेरी स्वयं की जिन्दगी , पुष्पों की मानिंद
खुशबू से हो जायेगी रोशन


२.



भरोसा जो तेरा उस आसमानी खुदा के
ऊपर से उठा जाएगा

जहन्नुम हो जायेगी जिन्दगी तेरी
तेरा सेब कुछ बिखर जाएगा


3.



अपने धर्म के प्रति तेरे मन में
जो विश्वास जाग जाएगा

पुश्तें तेरी तर जायेंगी
भाग्य तेरा रोशन हो जाएगा


4.


. मर्यादित जो तेरे विचार हो जायेंगे
सत्यनिष्ठ तू जो हो जाएगा

जीवन का हर एक पत्र तेरा रोशन होगा
तू अभिनंदन मार्ग पर प्रस्थित हो जायेगा

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