लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 21 June 2016

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना
भक्ति की ज्योत जलाओ मौरे अंगना

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना
चरण कमल का देकर सहारा.

जीवन ज्योत जलाओ मोरे अंगना
सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

पुलकित हो मेरे मन की बगिया
विश्वास की ज्योत जलाओ मन बसिया

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना
सिद्धि विनायक विषघ्नहर्ता
हे सुख कर्ता मंगल कर्ता

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना
चरण कमल तेरे बलि--बलि जाऊं
कष्टों से सदा हमको बचाना
सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

मन मंदिर को पावन कर दो
अक्ति के पुष्प खिलाओ मोरे अंगना

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

है लम्बोदर दया करो प्रभु
अपने चरणों का दास करो प्रभु

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

तुमको भोग लगाऊं मेरे प्रभु जी
आकर भोग लगाओ मोरे अगना

सिद्धि विनायक आओ मोरे अंगना

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