लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 11 February 2014

संस्कृति की बात करो

संस्कृति की बात करो

संस्कृति की बात करो
संस्कारों की बात करो
हो सके तो , हो सके तो , देशवासियों
आदर्शों की बात करो
आदर्शों की बात करो

देश प्रेम की बात करो
सर्वधर्म हित की बात करो
हो सके तो , हो सके तो , देशवासियों
तुम शहीदों की बात करो
तुम शहीदों की बात करो

जो मिटे है इस देश पर
उन वीरों की बात करो
हो सके तो , हो सके तो , देशवासियों
त्योहारों की बात करो

कुछ पुष्प खिलाओ धरा पर
हरियाली की बात करो
हो सके तो , हो सके तो , देशवासियों
मातु गंगे की बात करो

बीच धार में डूबे सभी
तुम किनारों की बात करो

सब आधुनिकता की दौड़ में फंसे
तुम  सभ्य समाज की बात करो
हो सके तो , हो सके तो , देशवासियों
देश उत्थान की बात करो

भटके अन्धकार में सभी
तुम उजाले की बात करो

मानव हुआ अब अमानुष
मानवता की बात करो

अभिमान में डूबे सभी
संकल्पों की बात करो



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