लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 28 November 2018

नारी


नारी  


आज की आधुनिक नारी
कतरा   - दर कतरा जिन्दगी को संजोती नारी

अपने आँचल में हौसलों का एह्सास लिये
उम्मीदों का एक समंदर संजोती नारी

जीवन मरू में प्यार की सरिता बहाती
तिनका  - तिनका कर अपना आसमां रोशन करती नारी

स्वयं के विश्वास के दम हौले  - हौले बढ़ती
खुशनुमा जिन्दगी का एक कैनवास सजाती नारी

बिखर जाती जो खुशियाँ बनकर
खुद को खुद का हमदम बनाती नारी

उम्मीदों की सतरंगी किरणों से स्वयं को रोशन करती
ज़माने को बदलने का एहसास जगाती नारी

इनकी सूरत पर लिखी ज़माने की कहानी
समाज के सांस्कृतिक चेहरे का दर्पण होती नारी

एक उन्मुक्त गगन की चाह में जीती
जीवन के विभिन्न आयामों में स्वयं को पिरोती नारी

स्वयं पुष्पित होती , औरों को पुष्पित करती
अपनी संवेदनाओं को अपना चरित्र बनाती नारी

अपने हर एक कर्म को अपना धर्म समझती
संस्कृति और संस्कारों परचम लहराती नारी 


आज की आधुनिक नारी
कतरा   - दर कतरा जिन्दगी को संजोती नारी

अपने आँचल में हौसलों का एह्सास लिये
उम्मीदों का एक समंदर संजोती नारी


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