लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) से हैं और अभी डेराबस्सी (पंजाब) में रह रहे हैं |

Thursday, 1 November 2018

पेड़ लगाएं


 पेड़ लगाएं

गली  - गली और नगर  - नगर
चलो पेड़ लगाएं सब मिलकर

आओ सब मिलकर पेड़ लगाएं
धरती का आँचल सजाएं

रोशन हो हर कोनाकोना
धरती हो जाए एक बिछौना

धरती हो जाए एक उपवन
आओ पेड़ लगाएं सब मिलकर

पेड़ों की है महिमा न्यारी
देते छाँव और हरियाली

श्रृंगार करें इस धरती माँ का
करते पुष्पित  ये सबका जीवन

पेड़ों से फलफूल हैं मिलते
खिलते हैं आँगन , नगर हैं खिलते

चन्दन की खुशबू से महकते
जीवन सबका रोशन करते


द्वारा

अनिल कुमार गुप्ता
पुस्तकालय अध्यक्ष 
केंद्रीय विद्यालय फाजिल्का
वर्तमान के वी सुबाथू 



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