लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 28 November 2018

क्यों कर तुम्हारे खून में


क्यों कर तुम्हारे खून में

क्यों कर तुम्हारे खून में उबाल नहीं आता
क्यों कर तुम्हारी आत्मा तुम्हें नहीं लजाती

क्यों कर स्वयं के हित जी रहे तुम
ऐसा क्या है कि जागते नहीं हो तुम

या फिर ऐसा है कि जागना नहीं चाहते तुम
क्यों नहीं करते बहिष्कार इन कुसियों के लोभियों का

क्या चाटुकारिता ही है इस जीवन का मर्म
राष्ट्रहित क्या तुम्हारा नहीं है कोई धर्म

क्यों नहीं जागता स्वाभिमान तुम्हारा
क्यों समझते हो तुम खुद को नाकारा

क्यों नहीं करते तुम राष्ट्रप्रेम की लौ रोशन
क्यों नहीं जागता राष्ट्रधर्म तुम्हारा

क्यों नहीं करते तुम स्वयं को पुष्पित
क्या राष्ट्र के हित नहीं कोई धर्म तुम्हारा

क्यों कर तुम्हारे खून में उबाल नहीं आता
क्यों कर तुम्हारी आत्मा तुम्हें नहीं लजाती

क्यों कर स्वयं के हित जी रहे तुम
ऐसा क्या है कि जागते नहीं हो तुम



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