लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 4 August 2015

मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो - मुक्तक

१.

मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो
मेरे गुनगुनाने की वजह तुम हो

यूं ही नहीं करता मैं तुमसे मुहब्बत
मेरे जीत जाने की वजह तुम हो


२.

मेरे जीने की वजह तुम हो
मेरी जिन्दगी की हर कोशिश तुमसे

मेरे प्यार का एहसास तुम हो
मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो


3.

मेरे जीवन का उत्कर्ष तुम हो
मेरे जीवन का उजाला तुम हो

मेरी मुहब्बत का अभिमान तुम हो
मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो

4.


मेरी मुहब्बत का शुरूर तुम हो
मेरी साँसों में बसती तुम हो

मेरी आँखों में हर वक़्त तुम हो
मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो 

5.


मेरी तन्हाइयों में तुम हो
मेरी खुशनुमा सुबह तुम हो

मेरे शायर होने की वजह तुम हो
मेरे मुस्कुराने की वजह तुम हो







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