लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 27 August 2015

खुशबू तेरे बदन की - मुक्तक

१.

खुशबू तेरे बदन की
महसूस कर रहा हूँ मैं
उन खुशनुमा पलों की यादों में
बसर कर रहा हूँ मैं




२.


गुमा न हो मुझको कभी
मेरी तरक्की का
मुझको अपनी पनाह में रखना
ऐ मेरे खुदा


3.

गुलिस्तां मैं खिलूँ मैं फूल बनकर
मेरे मौला
मेरी इस दुआ को कुबूल करना
मेरे मौला


4.

चंद लम्हों की मुलाक़ात में हमने उन्हें
अपना मान लिया
खुदा करे मेरी मुहब्बत को 
वो कुबूल करे




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