लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 23 August 2015

हवा क्या राह रोके उनकी , जो तूफानों से लड़ना जानें

१.


हवा क्‍या राह रोके उनकी
जो तूफानों से लड़ना जानें
कायर क्या लड़ेंगे सीमा पर
देश हित जो न मरना जानें


२.

हवा क्‍या राह रोके उनकी
जो तूफानों से लड़ना जानें
कायर क्या लड़ेंगे सीमा पर
देश हित जो न मरना जानें



3.



कौन कहता है कौशिशैं कामयाब नहीं होतीं
दौ' कदम इस राह पर चलकर देखो


4.


आग में तपकर ही आदमी सोना बना करता है
इंसानियत की राह पर चलकर ही आदमी
इंसान बना करता है





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