लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 31 July 2015

खुदा करे तू मेरी मुहब्बत का आइना हो जाए

१.


खुदा करे तू मेरी मुहब्बत का आइना हो जाए

जब भी आईने में खुद को देखूं , रोशन
मुहब्बत हो आये


२.

चंद वादे निभा न सके वो इश्क में

खुद को मुहब्बत का खुदा कहते हैं


3.

उम्र हुई कि अब तराजू को संभालें कैसे

आया अब नई पीढ़ी का दौर है


4.

आँखें  वहीं जो कुरआन की आयत पढ़ा करें 

दिल वही जो हर पल खुदा की इबादत किया करे 

5

चार पल की जिन्दगी में ये भागमभाग क्यों

क्या मैं लाया था और क्या लेकर जाऊंगा


६.

खुशी का पता - ठिकाना कहाँ है बताओ
मुझको

इस शहर में मुझको हर शख्स ग़मगीन नज़र
आता है


7.


गिरते को सहारा देता है आज कौन

वो दौर कुछ और था. , ये दौर है कुछ और






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