लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 11 February 2019

चित्त को अपने स्थिर रखेगा जो तू



चित्त को अपने स्थिर रखेगा जो तू

चित्त को अपने स्थिर रखेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

मंजिल की दिशा में निगाह रखेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

कीमत समय की समझने लगेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

स्वयं पर विश्वास करने लगेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

स्वयं को आत्मविश्वासी बना लेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

स्वयं की योग्यता पहचान लेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

गीत प्रयासों के गाने लगेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

कोशिशों का समंदर सजाने लगेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

सफलता का श्रेय प्रभु को समर्पित करेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

खुद से जो आँखें मिलाने लगेगा जो तू
गागर में सागर हो जायेंगे प्रयास तेरे

No comments:

Post a Comment