लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 17 May 2020

छूट गयी जो छैयां


छूट गयी जो छैयां

छूट गयी जो छैयां
मुझको वापस ला दो
बीत गया जो बचपन
मुझको वापस ला दो

माँ का वो प्यार दुलार
मुझको वापस ला दो
पापा को वो लाड़ दुलार
मुझको वापस ला दो

भाई  - बहनों का प्यार
मुझको वापस ला दो
सकरा  - सकरा वो संसार
मुझको वापस ला दो

लुका  - छिपी का खेल
मुझको वापस ला दो
वो कंचों पर रेलमपेल
मुझको वापस ला दो

ताई का वो प्यार
मुझको वापस ला दो
चाची का आशीर्वाद
मुझको वापस ला दो

चाचा की वो मीठी डांट
मुझको वापस ला दो
ताऊ का बरसा जो प्यार
मुझको वापस ला दो

बगिया के वो फूल
मुझको वापस ला दो
बीच  काँटों के वो शूल
मुझको वापस ला दो

नभ के तारे थे मेरा संसार
मुझको वापस ला दो
संस्कारों का अजब संसार
मुझको वापस ला दो

अपनों से बढ़ता प्यार
मुझको वापस ला दो
सामाजिकता का विस्तार
मुझको वापस ला दो

बचपन के वो मित्र
मुझको वापस ला दो
खिलता था बाल चरित्र
मुझको वापस ला दो

मित्रों का वो स्नेह
मुझको वापस ला दो
गुरुजनों का आशीर्वाद
मुझको वापस ला दो

वो प्यारा  - प्यारा संसार
मुझको वापस ला दो
रहते थे मिल परिवार
मुझको वापस ला दो
  


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