लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 31 May 2020

मुहब्बत के गीतों को


मुहब्बत  के गीतों को

मुहब्बत के गीतों को लबों पर सजाये रखना
यादों के चरागों को हमेशा जलाए रखना

मुहब्बत के आशियाँ को सजाये रखना
यादों का एक समंदर सजाये रखना

इश्क की पाकीज़गी रहे हर पल बरकरार
खूबसूरत यादों का एक कारवाँ सजाये रखना

जुनूने  - इश्क में लांघी थीं हमने सभी दीवारें
यादों के उस खुशनुमा गुलदस्ते को सजाये रखना

पीर दिल की किसी को न हो जाए उजागर
अपने हर एक गम को सीने में दबाये रखना

मुहब्बत को कर लिया था इबादते  - खुदा हमने
उस खुदा पर एतबार बनाए रखना

सजायी थी कुछ यादें उस खुशनुमा पल की
उन यादों का एक कारवाँ सजाये रखना

हमें जुदा करने की कोशिश की थी मुहब्बत के दुश्मनों ने बहुत
उन मुहब्बत के दुशमनों को माफ़ करने का ज़ज्बा दिल में जगाये रखना

क्यूं कर हम किसी से हो जाएँ खफ़ा
अपने दिल में मुहब्बत का ज़ज्बा जगाये रखना

कैसे  - कैसे सितम किये थे हम पर जमाने ने
खुदा के इन बन्दों के लिए दुआ करना

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