लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 6 July 2016

चंद लम्हातों में बदल जाती है दुनिया

चंद लम्हातों में बदल जाती है दुनिया

चंद लम्हातों में ,बदल जाती है दुनिया
तेरी कोशिशों , तेरे प्रयासों पर ,जो हो तुझको यकीन

तेरी कोशिशें रंग लायेंगी एक दिन ,जो खुद पर है एतबार तुझे
तेरे प्रयासों को मिलेगा आसमां एक दिन, जो हो खुद पर यकीन तुझको

ये आरज़ू है मेरी , मैं तेरे कदमों की धूल हो जाऊं
ये तमन्ना है मेरी , तुझ पर निसार हो जाऊं

मुझे तुझ पर यकीन , तेरे करम पर एतबार
सुबह हो या शाम , तेरे नाम का सहारा लिए जी रहा हूँ मैं

मैं हो रहा हूँ रोशन , एक तेरे नाम से मेरे मौला
मेरी कोशिशों को ,सपनों का आसमां अता कर मौला 

रहे-इंसानियत को मेरे जीने का मकसद कर मौला 
 जियूं तो राह मैं तेरी, मरूं तो राह में तेरी

आसमां के चाँद-सितारों की आरजू नहीं मुझको
'एक अदद इबादत से नवाज़ दे मुझको मौला

चंद लम्हातों में ,बदल जाती है दुनिया
तेरी कोशिशों , तेरे प्रयासों पर ,जो हो तुझको यकीन

तेरी कोशिशें रंग लायेंगी एक दिन ,जो खुद पर है एतबार तुझे
तेरे प्रयासों को मिलेगा आसमां एक दिन, जो हो खुद पर यकीन तुझको



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