लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 19 July 2016

हम जोत जलाएंगे तेरी , तुम आना हमारी कुटिया में


हम जोत जलाएगे तेरी , तुम आना हमारी कुटिया मे

हम जोत जलाएंगे तेरी , तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में

हम भग लगायेंगे तुमको, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया में , तुम आना हमारी कुटिया में

गायेंगे भजन तेरे प्रभजी , तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में

हम फूल बिछायेंगे प्रभुजी, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया में , तुम आना हमारी कुटिया में

हम दिल में बसा लेंगे तुमको, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया में , तुम आना हमारी कुटिया में

हम भक्तों को बुलायेंगे तेरे, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में

श्रृंगार करेंगे तेरा प्रभुजी, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में

हम लंगर लगायेंगे प्रभुजी, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में

हम जगराता कराएँगे प्रभुजी , तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया में , तुम आना हमारी कुटिया में

पलकों में बिठाएँगे तुमको, तुम आना हमारी कुटिया में
तुम आना हमारी कुटिया मैं , तुम आना हमारी कुटिया में






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