लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 10 July 2016

अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे
कोई मस्त इस जहाँ में, कोई तुझे पुकारे

कोई जी रहा अहं में, कोई तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई मदिरालय में में मस्त, कोई देवालय में तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई जी रहा मल्ंग, कोई सत्संग में तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई जी रहा निरंकुश, कोई तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई खुद को समझे खुदा, कोई तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई जी रहे अनुचर से, कोई तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई बनकर मीरा सा, प्रभु तुझे निहारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई तुझे बोले कान्हा, कोई कृष्णा पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

कोई बन सुदामा प्रभु जी, कृष्णा - कृष्णा पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे

अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे
कोई मस्त इस जहाँ में, कोई तुझे पुकारे

कोई जी रहा अहं में, कोई तुझे पुकारे
अजब तेरी दुनिया के , अजब हैं नज़ारे




1 comment:

  1. बहुत बढ़िया प्रयास है आपका |

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