लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 29 July 2016

कान्हा मेरे कान्हा . कान्हा मेरे कान्हा

कान्हा मेरे कान्हा


कान्हा मेरे कान्हा , कान्हा मेरे कान्हा

मेरे घर आना प्रभु, मेरे घर आना

तुमको मनाऊँ , तुमको रिझाऊँ

आना प्रभु आना , प्रभु राधा संग आना

मन को मेरे देवालय करना , अंतर्मन में बस जाना

मेरे घर आना प्रभु, गउएं संग लाना

सुबह शाम मैं तुझको ध्याऊँ , मन में प्रभुजी तुम्हें बसारऊँ

मेरे घर आना प्रभु, सुदामा को घर लाना

भाग्य मेरा प्रभु रोशन करना , चरणों में प्रभु अपने रखना

आना प्रभु आना , गोपियों संग आना

मन को मेरे पावन करना, घर को मेरे मंदिर करना

आना प्रभु आना, ग्वाल्रों को संग लाना

अक्ति में तेरी डूबा रहूँ मैं , खुद को भूला-भूला रहूँ मैं

मेरे घर आना प्रभु , मेरे घर आना

मुझको अपना चाकर कर लो , मोक्ष राह पर मुझको वर लो

आना प्रभु आना , वंशी संग लाना


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