लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 24 July 2016

वक़्त के दरिया में , प्रयासों की नाव पर उतरकर देखो



वक़्त के दरिया में , प्रयासों की नाव पर उतरकर देखो 


वक़्त के दरिया में , प्रयासों की नाव पर उतरकर देखो 

प्रयासों के समंदर में . आत्मविश्वास की ज्योत जलाकर देखो 
जीत जाओगे तुम, मंजिल पर होंगे कदम तेरे 

चंद प्रयासों को न करो , मंजिल की राह का हमसफ़र 

प्रयासों का एक खूबसूरत कारवाँ सजाकर देखो 
मंजिल तेरे क़दमों का निशाँ होगी, तेरे प्रयास तेरी ख़ुशी को देंगे आसमां छोने का एहसास 

किसी की वीरान जिन्दगी का एक कोना रोशन कर देखो 

किसी के बुझे अधरों पर मुस्कान बेखेरकर देखो 
तेरी जिन्दगी को नसीब होगा जीने का मकसद 

किसी गुमसुम सी नन्ही परी के चहरे की मुस्कान बनकर देखो

किसी की सूनी जिन्दगी में बहार बनकर देखो 
तेरी जिन्दगी फूलों के गुलशन की मानिंद होगी रोशन 

किसी की बेबस निगाहों का सुस्वप्न बनकर देखो 

किसी की सिसकती साँसों में खूबसूरत ख़्वाबों का समंदर बनकर देखो 
तेरी जिन्दगी को नसीब होगा , जिन्दगी होने का सबब 









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