थका - थका सा
थका -थका हुआ सा
टूदा - टूटा हुआ सा
महसूस कर रहा हूँ
मुझे वो माँ की
लोरियां फिर से सुना दो
माँ के आँचल का
'फिर से सहारा दे दो
उस पुण्यमूर्ति से कह दो
मैं ढूंढ रहा हूँ तुझको
यहीं कहीं आसपास
मेरी रचनाएं मेरी माताजी श्रीमती कांता देवी एवं पिताजी श्री किशन चंद गुप्ता जी को समर्पित
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