लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 12 January 2017

सुन्दर रूप सलोना रे कान्हा

सुन्दर रूप सलोना रे कान्हा

सुन्दर रूप सलोना रे कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
निर्मल रूप सलौना रे कान्हा , सुन्दर रूप सलीना

बंशी की मधुर धुन रे कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
गोपियाँ तुम पर मिट- मिट जाएँ, सुन्दर रूप सलोना

वुन्दावन में बसों तुम कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
रूप मनोहर मन को भाये , सुन्दर रूप सलोना

कंचन हमरी काया कर दो , सुन्दर रूप सलोना
प्रेम हमें तुमसे हो कान्हा , सुन्दर रूप सलोना

मन हर्षित मन आनंदित रे कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
मोर मुकुट सजे तुम कान्हा , सुन्दर रूप सलोना

चरणों का सेवक करो कान्हा, सुन्दर रूप सलोना
बैकुंठ धाम की सैर कराओ कान्हा , सुन्दर रूप सलोना

सुन्दर रूप सलोना रे कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
निर्मल रूप सलौना रे कान्हा , सुन्दर रूप सलीना

बंशी की मधुर धुन रे कान्हा , सुन्दर रूप सलोना
गोपियाँ  तुम पर मिट- मिट जाएँ, सुन्दर रूप सलोना



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