लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 9 June 2021

मुक्तक

१. 


चंद दामन तू खुशियों से भर , चंद आशियाने तू कर रोशन

तेरी हर एक कोशिश को, खुदा का करम हो नसीब

२.



चंद फूल खिला . खुद पर क्यों इतरावें हम
फूलों का एक उपवन खिला, जिन्दगी को रोशन कर लें

3.



हमारी आरजू में कभी वो तड़पे , उनकी आरजू में कभी हम तड़पे
ये तड़प का दौर , आज भी बदस्तूर जारी है.

4.


कुछ गौत मैं उसके पेशे नज़र , कर दूं तो अच्छा हो
इसी बहाने मेरे दिल को करार , आ जाए तो अच्छा हो

No comments:

Post a Comment