लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 8 June 2021

मुक्तक

१.



कोशिशों की नाव हम समंदर में , क्यों
चलाया नहीं करते

मंजिल की राह में प्रयासों को हम
अपना, हमसफ़र क्यों बनाया नहीं करते




२.


क्यों हम किसी के काँधे का , सहारा
लिए चलें

क्यों न अपनी कोशिशों को , अपना
हमसफ़र किये चलें


3.

वक़्त के इशारे को जब , समझने
लगोगे तुम

रोशन तेरा जहाँ हो जाएगा, उस खुदा
का तुझ पर होगा करम



4.

वक़्त को अपने प्रयासों का हमसफ़र बना के
तो देख

मिलेगी मंजिल तुझको, नसीब होगी तुझे हर
एक रोज एक नई सुबह

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