लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 13 June 2021

क्यूं आये है इस धरती पर - भाग -दो

 क्यूं कर आये हैं , इस धरती पर 

क्या करना है , क्या पाना है 


भौतिक जगत में भटक रहे हम 

पल  - पल खुद को समझाना है 


संस्कारों को दे दी तिलांजलि 

आधुनिकता में ढल जाना है 


क्यूं कर आये इस धरती पर 

इसका भेद नहीं जाना है 


मानव होकर जीवन पशु सा 

क्यूं कर यहीं बिखर जाना है 


क्यूं मैं भागूं , क्यूं तुम भागो 

क्यूं कर यहीं पर, थक जाना है 


जीवन का सपना कैसा हो 

क्या हमने यह जाना है 


जीवन का सत्य कैसा हो 

क्या हमने ये पहचाना है 


क्यों कर आये इस धरती पर 

क्यूं कर नहीं मर्म जाना है 


रह जाएगा सब कुछ यहीं पर 

क्या यह सत्य हमसे अनजाना है 


फिर भी भागमभाग मची है 

क्या कर कोई आस बची है 


क्यूं कर आये हैं , इस धरती पर 

क्या करना है , क्या पाना है 


भौतिक जगत में भटक रहे हम 

पल  - पल खुद को समझाना है 


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