लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 18 March 2016

तेरे जादुई हुस्न ने

तेरे जादुई हुस्न ने
किया मुझको बेकरार
तेरे हुस्न का साथ मिले
दिल को आये करार

फुर्सत मिले तो मेरी गली का
चक्कर लगा लेना
ये गुजारिश है तुझसे
बेआबरू न हो मुहब्बत मेरी

अफसाना न हो जाए
मेरी मुहब्बत, मेरा इश्क
खुदा करे चंद रातें
उसकी बाहों में गुज़र हो जाएँ तो अच्छा

दिल के ज़ख्म
नासूर न बन जाएँ ऐ मेरे खुदा
तेरा करम हो और
उसके दामन का सहारा हो मुझे

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