लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 14 March 2016

वेदनाओं से मुक्त कर

वेदनाओं से मुक्त कर

बेदनाओं से मुक्त कर . तुम नव जीवन प्रकाश दो
अहंकार से मुझको बचाकर, तुम जीवन संवार दो

भौतिक जगत से विरक्‍्त कर, आध्यात्म का तुम ज्ञान दो
निर्दोष हों प्रयास मेरे. मुक्ति का वरदान दो

बेसहारा न करो तुम. आँचल का अपने साथ दो
आध्यात्म से पुष्पित करो, संतोष का वरदान दो

माया--मोह से मुक्त कर, मुक्ति का तुम ज्ञान दो
हो विलक्षण मेरा जीवन . सत्कर्म का मुझे भान दो

कर लो मुझे अपने अधीन, भक्ति का वरदान दो
हो जाऊं पथिक मैं राह तेरी, सत्संग का मुझे ज्ञान दो

कर्म हों मेरे सभी शुअ. सत्कर्म का वरदान दो
अभिनन्दन हो मेरा भी , मुझे ऐसा वरदान दो

उदार हृदय से सिंचित कर दो, मुझको पूर्ण मानव कर दो
अविलम्ब शरण मैं तेरी आऊँ , मुझको समर्पण का वर दो

सागर सा विशाल हृदय हो, सरिता सा मुझे पावन कर दो
हिमालय सा अटल हो जाऊं मैं, संकल्प मार्ग का आन दो

सफल हों प्रयास मेरे, सुकर्म का वरदान दो
संघर्ष से न डरूं मैं, मंजिल का मुझे भान दो

नैतिकता की राह दिखाओ, सदाचार का मुझे ज्ञान दो
उत्कर्ष राह पर मुझको लेकर, मोक्ष का वरदान दो

No comments:

Post a Comment