लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Wednesday, 21 July 2021

मुक्तक

 1.

जब तेरे प्रयास , तेरी मंजिल का हमसफ़र होने लगें 

जब तेरी सफलता के,  सकारात्मक प्रभाव दिखने लगें |

जब तेरे प्रयास , दूसरों का मार्गदर्शन करने लगें 

तब समझ लेना ,तुम सही दिशा की ओर अग्रसर हो ||


2. 


जब दूसरों की पीर का दर्द, तेरी आत्मा महसूस करने लगे 

जब दूसरों की राह के कांटे , तुझे नश्तर सा महसूस होने लगें |

जब किसी गिरते को देख , उसे संभालने को तेरे कदम आतुर होने लगें 

तब समझ लेना, तुम इंसानियत की राह पर अग्रसर हो ||


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