लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 11 September 2017

चंद नए एहसास

१.

चाँद तारों से पूछ लेंगे
तेरे होने का पता

क्यों छूपे बैठे हो
मेरी निगाहों से दूर

२.

चंद सितारे ज़मी पर क्या  बिखरे
लोगों ने आसमां से नफ़रत कर ली

अनगिनत और खूबसूरत सितारों से रोशन
इस आसमां से ये नाइंसाफी क्यों


3.

इस दुनिया में हम है ही
हम ऐसा क्यूं समझें

किसी ग़मगीन के दर्द का
मरहम हो जाएँ , कुछ ऐसा करें

4.

हर एक मुसीबत,
एक खुशहाल जिन्दर्गी के आईने में ढाल
देगी एक दिन तुझको

क्यों कर मुसीबतों से डरकर
किनारा कर लें


5

क्यों समझते हैं लोग
इतना मुश्किल्र है आसान होना

जब इतना आसां है आसां होना
तो इसमें मुश्किल कैसी



No comments:

Post a Comment