लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Tuesday, 26 January 2016

स्वागत गीत

स्वागत  गीत

तन प्रफुल्लित मन प्रफुल्लित, 
आपके सुआगमन से हो गया प्रांगण प्रफुल्लित

वन प्रफुल्लित उपवन प्रफुल्लित 
आपके सुआगमन से हो गए हम सब प्रफुल्लित

पुष्पित हुए कुसुम उपवन के, रोशन हुई सारी फिजायें
आप अतिथि के आगमन से , हो गया कण-कण प्रफुल्लित

'फिजां मैं रौनक लौट आई , हो गया मन हर्षित प्रफुल्लित
है अतिथि तुम्हारे आगमन से , हो गया प्रांगण प्रफुल्लित

पौधे प्रफुल्लित , पुष्प भी प्रफुल्लित , हो गया वातावरण प्रफुल्लित
आप अतिथि देवों के सुआगमन सै , हो गया प्रांगण प्रफुल्लित

पुष्पित हुई सुकामनाएं मन में  सदविचार जागने लगे
आपके सुआगमन सै , ज्ञान के अंकुर मुस्कुराने लगे

खिल उठा हर एक कोना , मन हुए हर्षित प्रफुल्लित
आपके सुआगमन से हो गया प्रांगण प्रफुल्लित

चीर कर अज्ञान का तम , पुष्पित हुई संभावनाएं
खिल गए हम सब के मन , दूर हुई मन से शंकाएं

तन प्रफुल्लित मन प्रफुल्लित,
 आपके सुआगमन से हो गया प्रांगण प्रफुल्लित

वन प्रफुल्लित उपवन प्रफुल्लित
 आपके सुआगमन से हो गए हम सब प्रफुल्लित




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