लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Friday, 30 October 2015

फूलों को शाख पर खिलने दो


फूलों को शाख पर खिलने दो

फूलों को शाख पर खिलने दो
फूलों को खुशबू बिखेरने दो

हवा को मंद मंद बहने दो
सपनों को आसमां छूने दो
फूलों को शाख से न तोड़ो

फूलों की खुशबू से फिज़ां को महकने दो
पवन को प्राणवायु कर दो

जीवन को चहकने दो
सपनों को सीमा में न बांधो
जीवन को उत्कर्ष राह पर बढ़ने दो

आधुनिकता के बंधन में न बंधो
संस्कारों को पुष्पित होने दो

मत छीनो नन्हे हाथों से खिलाँने
ऑगन को नन्है--नन्हे फूलों से महकने दो

क्या हुआ जो न छू पाए आसमां तुम
कोशिशों की नाव पर खुद को उतरने दो

चीरकर हवाओं का सीना
प्रयासों को मंजिल छूने दो






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