लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 12 October 2015

दीवाना बना दिया है हमें उसके हुस्न ने एवं अन्य एहसास - मुक्तक

१.


दीवाना बना दिया है 
उसके हुस्न ने 

बाकी की काम
उसकी निगाहों ने कर दिया


२.


अजीज थे वो मेरे 
अजनबी न थे 

मेरी स्याह रातें 
रोशन हुईं उनके फजल से 


3.

कुछ ऐसा असर हुआ 
महंगाई का हम पर 

पहले चला करते थे साइकिल पर 
अब कारों में दौड़ते हैं हम 


4.


आँचल छुपा लिया उन्होंने 
इस डर से अपनी आगोश में 


कहीं घूर न लें दो आँखें 
जिन्हें हम अपना समझ रहे 




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