लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Sunday, 16 October 2016

मेरे सपनों को मिले , एक ऐसा आसमां



मेरे सपनों को  मिले , एक ऐसा आसमां

फूल बनकर मैं खिलूँ , रोशन हो जाए ये जहां
मैं चलूँ जसी भी डगर, रोशन हो जाएँ गलियाँ वहां

मेरे सपनों को  मिले , एक ऐसा आसमां

गीत जो भी मैं लिखूं , रोशन हों दिल सबके यहाँ
आदर्श जो भी मैं गढ़ूं , धरोहर हो जाए यहाँ

मेरे सपनों को  मिले , एक ऐसा आसमां

पुण्य कर्म जो भी करूँ मैं, संस्कार बन जाए यहाँ
सद आचरण जो भी करूँ मैं, आदर्श हो जाएँ यहाँ

मेरे सपनों को  मिले , एक ऐसा आसमां

प्रयास जो भी करूँ मैं, सत्कर्म हो जाएँ यहाँ
स्वाभिमान की राह चलूँ मैं , भावना बन जाए यहाँ

मेरे सपनों को  मिले , एक ऐसा आसमां







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