लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 30 December 2013

वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है


वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है


वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है
टीचर आज का टयूटर हो गया है

जनता का रक्षक, भक्षक हो गया है
वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है

मानव आज का, दानव  हो गया है
सुविचार, कुविचार में परिवर्तित हो गया है

गार्डन अब युवाओं के दिल गार्डन – गार्डन करने लगे हैं
चौराहे - तिराहे लवर पॉइंट बनने लगे हैं

आज का शिक्षक, शिष्या पर लट्टू हो गया है
गुरु - चेले का रिश्ता भ्रामक हो गया है

स्त्रियों की संख्या, पुरुषों से कमतर हो गयी है
सभ्यता लुप्त प्रायः सी हो गयी है

समाज का पतन, देश का पतन हो गया है
चरित्र का पतन, आस्था का पतन हो गया है

लुंगी को छोड़, जीन्स का चलन हो गया है
कपड़े  छोटे हो गए हैं तन का दिखावा शुरू हो गया है

लडकियां, लड़कों सी दिखने लगी हैं लड़के, लड़कियों से दिखने लगे हैं
चारों ओर ब्यूटी पार्लर का चलन हो गया है

वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है
वर्तमान किस तरह परिवर्तित हो गया है

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