लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Thursday, 23 March 2017

हे पावन परमेश्वर मेरे

हे पावन परमेश्वर मेरे

हे पावन परमेश्वर मेरे , पूर्ण करो मनोरथ मेरे
दीनन के हो तुम रखवारे , पावन करते कर्म हमारे

चन्दन सा तुम पावन कर दो, हे प्रभु भक्तन के रखवारे
हे पावन परमेश्वर मेरे, पूर्ण करो मनोरथ मेरे

भवसागर से पार उतारो, चरण कमल पखारें तेरे
वीच भंवर में फंसी है नैया, पार उतारो प्रभु मेरे

सीधा - सादा जीवन हो प्रभु, हम सब आये चरण तिहारे
जीवन बंधन मुक्त करो प्रभु, विनती करते द्वार में तेरे

पर - उपकार हमें सिखलाओ , चरणों से प्रभु हमें लगाओ
संकल्प मार्ग हमको दिखलाओ , करो अनमोल वचन प्रभु मेरे

अवगुण मेंरे दूर करो प्रभु, संकल्प सजाओ मेरे
हे पावन परमेश्वर मेरे, पूर्ण करो मनोरथ मेरे





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