लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम

लेखक परिचय - अनिल कुमार गुप्ता अंजुम
अनिल कुमार गुप्ता अंजुम पिछले 20 वर्षों से लेखन से जुड़े गुए हैं और अभी तक इनकी 6 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं | तीन लेख भी पुस्तकों के माध्यम से प्रकाशित हो चुके हैं | करीब 1500 से अधिक रचनाएँ, 25 से अधिक कहानियां, 30 से अधिक लेख, विचार, शायरी, भजन, गीत आदि का सृजन कर चुके हैं | जन्म से ये जबलपुर (मध्य प्रदेश ) हैं और अभी पंजाब में रह रहे हैं |

Monday, 20 March 2017

मेरे मालिक मेरी सरकार हो तुम कान्हा

मेरे मालिक मेरी सरकार हो तुम कान्हा

मेरे मालिक मेरी सरकार हो तुम कान्हा
मेरे सपनों का आधार हो तुम कान्हा |

जी रहा हूँ पल --पल तेरे नाम के साथ
मेरे जीवन का आधार हो तुम कान्हा |

रोशन हो शख्सियत , मेरी तेरे दम से
मेरा गौरव, मेरा सम्मान हो तुम कान्हा |

तुझे बयाँ करूं तो बयाँ करूं कैसे
तेरी तारीफ़ में लिखूं तो कया लिखूं कान्हा |

मुसाफिर कर मुझे न भटकाना
अपने चरणों की धूलि कर लो कान्हा |

मेरी जिन्दगी तेरी छाया में हो रोशन
इस नाचीज़ को अपना बना लो कान्हा |

बेशुमार तारों से जगमगा रहा ये जहां
मुझको भी एक तारा बना दो कान्हा |

मेरे नसीब में हो एक इबादत तेरी
अपने प्यारों में मुझे शामिल करो कान्हा |

मेरे मालिक मेरी सरकार हो तुम कान्हा
मेरे सपनों का आधार हो तुम कान्हा |

जी रहा हूँ पल --पल तेरे नाम के साथ
मेरे जीवन का आधार हो तुम कान्हा ||





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